लालू परिवार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मिट्टी घोटाले में जांच के आदेश



बिहार में हुए कथित मिट्टी घोटाले के मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सहित उनके पूरे परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने वन एवं पर्यावरण विभाग से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है. मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पूरी टेंडर प्रक्रिया और इसके आवंटन के बारे में तत्काल जानकारी मांगी है.


बता दें कि बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू के परिवार पर मिट्टी घोटाला करने का आरोप लगाया था. उनका आरोप था कि संजय गांधी जैविक उद्यान में जो मिट्टी भरायी हो रही है, वह आरजेडी सुप्रीमो के परिवार के बन रहे मॉल से निकाल कर लाया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला...
आरोपों के मुताबिक राजधानी पटना में बिहार का सबसे बड़ा माल बनाया जा रहा है. इस मॉल की मालिक डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है. इस कंपनी में आरजेडी अध्यक्ष के लालू प्रसाद के बड़े बेटे एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे बेटे एवं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी पुत्री चंदा यादव डायरेक्टर हैं. इस तरह आरोपों के मुताबिक इस मॉल का मालिक लालू प्रसाद यादव का परिवार ही है. मोदी के मुताबिक आरजेडी के सुरसंड से विधायक सैयद अबु दौजाना की कंपनी मेरिडियन कंस्ट्रक्शन (इंडिया) लिमिटेड इस शॉपिंग मॉल का निर्माण करवा रही है.

नब्बे लाख का फायदा
डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और चंदा यादव को 20 जून 2014 को निदेशक बनाया गया. आरोप है कि बिहार के सबसे बड़े मॉल की मिट्टी को पर्यावरण एवं वन विभाग ने बिना टेंडर निकाले 90 लाख रुपए में खरीद लिया. इस तरह मोदी के मुताबिक मिट्टी घोटाले का पूरा फायदा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार को मिला.

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