छात्रों को खुश रखने के लिए भोपाल व जबलपुर के पांच-पांच स्कूलों में होगा हैप्पीनेस का प्रयोग



राज्य सरकार स्कूली विद्यार्थियों को जीवन में खुश रहने का सलीका सिखाएगी। आनंद विभाग भोपाल और जबलपुर के पांच-पांच स्कूलों में यह प्रयोग करेगा। हालांकि स्कूलों का चयन अभी नहीं हुआ है। इसमें सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकेगा। उधर, देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने आइआइटी खड़गपुर के 14 डोमेन को आंशिक संशोधन के साथ स्वीकार कर लिया है। अब विभाग इनके आधार पर सैंपल सर्वे के लिए सवाल तैयार करेगा।

राजधानी में आयोजित हैप्पीनेस इंडेक्स इंटरनेशनल वर्कशॉप के दूसरे दिन शुक्रवार को विशेषज्ञों ने आइआइटी खड़गपुर द्वारा प्रस्तुत 14 डोमेन पर चर्चा की। गुरुवार को इन बिंदुओं पर चर्चा और सुझाव के लिए दो टीमें बनाई थीं। इन टीमों ने शुक्रवार को प्रजेंटेशन दिया। विभाग के अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को कोर्स की पढ़ाई कराने के लिए संबंधित स्कूलों के 25 शिक्षकों को दो जुलाई से प्रशिक्षित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की संचालक मरीना वाल्टर ने कहा कि यह वर्कशॉप प्रसन्नता को नापने के लिए विषयों के निर्धारण और नवीन विधियों के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यूएनडीपी ऐसे कार्यो को सदैव समर्थन देगा।