मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जेएनयू छात्र संघ के नेता आईशा घोष को शुभकामनाएं दीं

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जेएनयू हिंसा मामले में नौ संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं और दावा किया कि जेएनयूएसयू के अध्यक्ष आईशा घोष उनमें से एक थे, पांच दिन पहले कुछ  नकाबपोश लोगो ने  JNU यूनिवर्सिटी के परिसर में छात्रों के साथ मारपीट की, जिसमें 35 लोग घायल हो गए।


हॉस्टल फीस में वृद्धि का विरोध करने वाले वामपंथी छात्र संगठनों  के नो लोगो पर आरोप है उसमे से  घोष भी संदिग्धों में से थी,  उन्होंने ही फीस वृद्धी को लेकर सेमेस्टर पंजीकरण प्रक्रिया का बहिष्कार करने का आह्वान किया।

पुलिस ने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 5 जनवरी को हुई हिंसा  के बाद से   कैंपस में तनाव   है।

आईशा  घोष जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU)  की  अध्यक्ष है , उनके माता-पिता कुलपति के  इस्तीफे की मांग कर रहे हैं !


आज  आईशा  घोष केरल के कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्या मंत्री पिनरई विजयन से भी मिली, उन्होंने बताया की पुलिस उन्हें फ़साने की कोशिश कर रही है ! 

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जेएनयू छात्र संघ के नेता ऋषि घोष को शुभकामनाएं दीं मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और ऋषि घोष ने केरल हाउस में मुलाकात की।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन  का फेसबुक नोट:

संघ परिवार के खिलाफ देश की महाकाव्यात्मक लड़ाई में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय। परिवार ने परिसर के अंदर कदम रखा। संघ परिवार की इच्छा थी कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अपने बचाव में चूक करे।

कैंपस असम्बद्ध सेनानियों से भरा था। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष और जेएनयू नेता आईशा घोष ने महाकाव्य लड़ाई का नेतृत्व किया। आईशा घोष टूटे हुए सिर के साथ वापस मैदान में हैं। आईशा घोष इलाज के लिए केरल के अस्पताल गए। सुधन्वा देशपांडे की शहीद सफ़दर हाशमी की किताब 'हल्ला बोल' को ऋषि ने कमीशन किया था।

इस लड़की की नजर जेएनयू में छात्रों के संघर्ष के बल पर है। न्याय के लिए संघर्ष के लिए शुभकामनाएं।

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