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गुरुवार, 22 जून 2017

कोविंद के समर्थन से पीछे हटना मुमकिन नहींः जेडीयू

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि रामनाथ कोविंद को समर्थन दे नीतीश ऐतिहासिक गलती करने जा रहे हैं। वे उनसे अपनी करंगे कि अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें !

विदित हो कि विपक्षी दलों ने गुरुवार को बैठक कर पूर्व लाकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार को राजष्‍ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्‍याशी घोषित किया है। विपक्षी दलों की इस महत्‍वपूर्ण बैठक की अध्‍यक्षता कांग्रेस अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने की। लालू प्रसाद ने मीरा कुमार का समर्थन करते हुए नीतीश कुमार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। मीरा  कुमार और रामनाथ कोविंद दोनों ही बिहार  से है !  



लालू ने कहा कि उन्‍होंने नीतीश से कहा है कि वे बिहार की बेटी (मीरा कुमार) को अपना समर्थन दें, न कि आरएसएस उम्‍मीदवार को। नीतीश द्वारा भाजपा के राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार को समर्थन से जुड़े एक सवाल के जवाब में लालू ने कहा कि यह नीतीश ही सोचें कि वे धोखा दिए हैं या नहीं।लालू ने कहा, 'नीतीश ने मुझे फोन कर बताया था कि यह उनका निजी फैसला है। नीतीश ने कहा बहुत सज्जन गवर्नर (रामनाथ कोविंद) रहे हैं।' लालू बोले, ' व्यक्ति की सुंदरता और सज्जनता-दुर्जनता पर फैसला नही होता। हम आइडियोलाेजी की लड़ाई लड़ते हैं। कांग्रेस भी बोलती तो भी हम समर्थन नहीं करते।'

सोमवार, 19 जून 2017

रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना लगभग तय योगी ने कहा सभी दल समर्थन दें



नई दिल्ली - भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी की मीटिंग के बाद एनडीए के प्रत्याशी के नाम पर राम नाथ कोविंद के नाम पर घोषणा की है कानपूर देहात के रहने वाले राम नाथ कोविंद ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस भी किया है | संसद की अनेक समितियों में इनका योगदान किया है | दलित सामज से आने वाले राम नाथ कोविंद अभी वर्तमान में बिहार राज्य के गवर्नर के रूप में योगदान दे रहे हैं |


यह है राम नाथ कोविद का जन्म परिचय

राम नाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की (वर्तमान में कानपुर देहात जिला ) , तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था। कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है। वकालत की उपाधि लेने के पश्चात दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। वह १९७७ से १९७९ तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। ८ अगस्त २०१५ को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई।

वर्ष १९९१ में भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये। वर्ष १९९४ में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा[3] के निर्वाचित हुए। वर्ष २००० में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा[3] के लिए निर्वाचित हुए। इस प्रकार कोविन्द लगातार १२ वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे

वह भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे। वर्ष १९८६ में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्युरो के महामंत्री भी रहे।

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