ज़रूर पढ़ें

लोकसभा चुनाव 2019 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लोकसभा चुनाव 2019 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 28 मार्च 2019

लोकसभा चुनाव 2019: वरुण गाँधी और मेनका गांधी ने आपस में क्यों बदली सीटें? - नज़रिया

2019 चुनाव के लिए वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी ने अपनी सीटें क्यों बदलीं, इसे लेकर चर्चाएं ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. माना यह जा रहा है कि वरुण को सुल्तानपुर से अपना राजनीतिक गढ़ पीलीभीत शिफ़्ट करने के पीछे मां की अपने बेटे को 'सुरक्षित' सीट देने की भावना हो सकती है.

दोनों ने ही अपने चुनाव क्षेत्रों की अच्छी देखभाल की है और दोनों ही अपने क्षेत्रों से काफ़ी जुड़े हुए हैं.

इस बार मेनका का सामना संजय गांधी के ही करीबी रह चुके डॉ. संजय सिंह से होगा जो कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं।दरअसल मेनका नहीं चाहती थीं कि वरुण गांधी सुलतानपुर सीट से संजय सिंह के खिलाफ उतरे चुनाव लड़ें क्योंकि इस बार उनकी स्थिति यहां अच्छी नहीं बताई जा रही है। दूसरा, वरुण के बीजेपी के नेतृत्व के साथ भी बहुत अच्छे संबंध नहीं माने जाते हैं।

गुरुवार, 7 मार्च 2019

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 11 और गुजरात की 4 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 11 और गुजरात की 4 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। सपा-बसपा गठबंधन ने सोनिया और राहुल की सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। हालांकि, कांग्रेस ने बंदायू से सलीम शेरवानी को टिकट दिया है। यहां से अभी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव सांसद हैं। प्रियंका गांधी को पूर्वी उप्र की कमान सौंपे जाने के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि वे सोनिया गांधी की जगह रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन इस बार फिर सोनिया रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। वे यहां से तीन बार से सांसद हैं।कांग्रेस ने जिन 15 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उनमें से 12 सीटें अभी भाजपा के पास हैं। वहीं, दो सीटें कांग्रेस और एक सीट सपा के पास है। 2009 लोकसभा चुनाव की बात करें तो इन 15 सीटों में से 9 कांग्रेस ने, 4 भाजपा और सपा ने 2 पर जीत हासिल की थी।

लोकप्रिय पोस्ट