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गुरुवार, 28 मार्च 2019

चीन के मुसलमानों के दुख से इमरान ख़ान अनजान ?


चीन में बहुत से मुसलमानों का ब्रेशवॉश करके उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादार बनाने की कोशिश हो रही है. क्या मुसलमान अपने धार्मिक विचारों को छोड़कर कम्युनिस्ट रास्ते पर चलेंगे, चीन के पश्चिमी इलाके में खास शिविर चल रहे हैं जिनमें रखे गए लोगों को अपने धार्मिक विचार त्यागकर चीनी नीति और तौर तरीकों का पाठ पढाया जा रहा है. यहां लोगों को न सिर्फ खुद की और अपने परिजनों की आलोचना करनी होती है बल्कि चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का शुक्रिया भी अदा करना होता है.पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान चीन के मुसलमानों की स्थिति के बारे में कुछ नहीं जानते. उनके सामने जब कभी भी वीगर मुसलमानों की स्थिति का ज़िक्र होता है वे खुद को इस मामले से अनजान बता देते हैं.'

सोमवार, 10 सितंबर 2018

चीन में मुसलमानों को 'देशभक्त' और 'वफादार' बनाने के लिए सरकार ने खोले ट्रेनिंग कैंप

उइगर मुसलमानों का प्रशिक्षिण कैंप (फोटो साभार- न्यूयार्क टाइम्स)



चीन ने उइगर मुस्लिमों को 'देशभक्त' और 'वफादार' बनाने के लिए सरकार ने विशेष ट्रांसफॉर्मेशन कैंप खोले हैं. वर्तमान में, मुसलमान चीन में एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक समूह हैं, जो कुल आबादी का 1 और 3% प्रतिनिधित्व करते हैं। मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी झिंजियांग में है, जिसमें महत्वपूर्ण उइघुर समुदाय है ! 

 
ये कैंप उइगर मुसलमानों को चीन की सरकार और वहां की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादार बनाने के लिए खोले गए हैं. इसमें अल्पसंख्यक मुसलमानों को जबरदस्ती पकड़कर लाया जा रहा है और कम से कम दो महीने तक रखा जा रहा है. सरकार का कहना है कि यहां चीनी भाषा सीखने, कानून की पढ़ाई और रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं को कहना है कि सरकार उइगर मुसलमानों की सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने के लिए उन पर जबरन अत्याचार कर रही है.

ये भी गौरतलब है कि पाकिस्तान अपनी सीमा के एकदम नजदीक ही मुसलमानों पर हो रहे इस अत्याचार पर एकदम खामोश है, जबकि भारत में मुसलमानों पर कथित आत्याचार को लेकर वो झूठा प्रचार हमेशा करता रहता है. अन्य मुस्लिम देश भी इस मुद्दे पर एकदम खामोश हैं, जबकि पश्चिमी मानवाधिकार संगठन अब इस अत्याचार पर आवाज उठाने लगे हैं. रविवार को अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स ने इस मुद्दे पर फ्रंट पेज पर फोटो के साथ खबर प्रकाशित की.


अब देखना ये है पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री का क्या रुख है!

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