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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

दलित राजनीति और जातीय ध्रुवीकरण सिर्फ़ 2019 की तैयारी है?




पिछले हफ्ते राष्ट्रव्यापी दलित विरोध भारत के संघर्षों में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। दलित-बंद के दौरान और उसके बाद में कई लोग हिंसा का शिकार हुए थे ! अचानक से यह जातीय ध्रुवीकरण की कोशिश क्यों होने लगी ? कौन है इसके पीछे ? दलित बंद और उसके इर्दगिर्द जो कुछ भी हुआ उसकी ख़ुद बीजेपी के कुछ दलित नेता निंदा कर रहे हैं और ये मामला वो ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की भी कोशिश कर रहे हैं ! मायावती ने पहले ही भाजपा के दोनों केंद्र और राज्य सरकारों पर दलितों पर बढ़ने वाले अत्याचार के मामलों हमला शुरू कर दिया है । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा कि देश में अल्पसंख्यकों एवं दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं और यदि इन पर लगाम नहीं लगाई गई तो लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है. उन्होंने ‘विभाजनकारी नीतियों एवं राजनीति’ को खारिज करने का आह्वान भी किया.

दलितों का एक वर्ग ने बीजेपी को इसलिए वोट किया था क्योकि उनका मानना था कि नरेंद्र मोदी जो ओबीसी की पृष्ठभूमि में हैं, वे उनके सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक स्थितियों में सुधार कर सकते हैं। आरक्षण के मुद्दे को लेके दलित हमेशा से बीजेपी और आरएसएस से डरते आये है !


अनुसूचित जाति (अनुसूचित जाति) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मिलकर भारत की आबादी के 20 प्रतिशत से अधिक का गठन करते हैं - लगभग 250 करोड़ लोग देश में सबसे वंचित समूह के रूप में रहते आये है ! वे लंबे समय से भारत में नफरत अपराधों और भेदभाव का शिकार बनते रहे हैं, इन प्रदर्शनों से लगता है की दलित समुदाय सरकार से कुश नहीं है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सत्ता में आने के बाद उनकी स्थिति अधिक खराब हो गई। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989 यानि SC-ST एक्ट को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है, और इसके बाद कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए। इसके बाद कई दलित संगठनों में रोष पैदा हो गया है। यहां तक कि राजनैतिक दल भी इस पर राजनीति करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने दबाव बनाया, जिसके बाद अब केंद्र सरकार ने रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दी है।


लेकिन एक विचार ये भी है कि एससीएसटी उत्पीड़न क़ानून में सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से जो दिशा-निर्देश जारी हुए उसमें केंद्र सरकार की सुस्ती जानबुझकर रही ! 2 अप्रैल को भारत के दलितों के सैकड़ों हजारों लोग भारत बंद में हिस्सा लेने के लिए सड़कों पर उतर गए,यह हड़ताल पूरे भारत में दलित संगठनों द्वारा बुलाई गई थी । इतना बड़े पैमाने पर विरोध अपनी तरह का पहला था, पहले यह शांतिपूर्ण था - प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, बैठकों में भाग लिया और नारे लगाए। इस प्रदर्शन ने कम से कम 11 लोगो की जान ले ली , उनमें से ज्यादातर दलित समुदाय से मारे गए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में बीफ के लिए गायों की व्यापार या वध करने वाले SC/ST समुदायों के सदस्यों के खिलाफ 38 हमले हुए और कम से कम 10 लोग मारे गए ! ये हमले मुख्यतः हिन्दू संघठनो द्वारा किआ गया था ! दलितों के ऊपर काननू रहते इतने अत्याचार होता है और जब ये हटा दिया जायेगा तो सोचिये स्तिथि क्या होगी ! भारत की आजादी एवं स्वतंत्रता बरकरार रखने की प्रतिबद्धता पर फिर से जोर देने की जरूरत है.


जानें क्या है ये एक्ट इस एक्ट के तहत आने वाले अपराध
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के खिलाफ होने वाले क्रूर और अपमानजनक अपराध, जैसे उन्हें जबरन मल, मूत्र इत्यादि खिलाना
  • उनका सामाजिक बहिष्कार करना
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य से व्यापार करने से इनकार करना
  • इस वर्ग के सदस्यों को काम ना देना या नौकरी पर ना रखना
  • शारीरिक चोट पहुंचाना या उनके घर के आस-पास या परिवार में उन्हें अपमानित करने या क्षुब्ध करने की नीयत से कूड़ा-करकट, मल या मृत पशु का शव फेंक देना
  • बलपूर्वक कपड़ा उतारना या उसे नंगा करके या उसके चेहरें पर पेंट पोत कर सार्वजनिक रूप में घुमाना
  • गैर कानूनी-ढंग से खेती काट लेना, खेती जोत लेना या उस भूमि पर कब्जा कर लेना
  • भीख मांगनें के लिए मजबूर करना या बंधुआ मजदूर के रूप में रहने को विवश करना
  • मतदान नहीं देने देना या किसी खास उम्मीदवार को मतदान के लिए मजबूर करना
  • महिला का उसके इच्छा के विरूद्ध या बलपूर्वक यौन शोषण करना
  • उपयोग में लाए जाने वालें जलाशय या जल स्त्रोतों का गंदा कर देना अथवा अनुपयोगी बना देना
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से रोकना
  • अपना मकान अथवा निवास स्थान छोड़नें पर मजबूर करना 
इस अधिनियम में ऐसे 20 से अधिक कृत्य अपराध की श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

इन अपराधों के लिए दोषी पाए जाने पर 6 महीने से लेकर 5 साल तक की सजा और जुर्माने तक का प्रावधान है। इसके साथ ही क्रूरतापूर्ण हत्या के अपराध के लिए मृत्युदण्ड की सजा का भी प्रावधान है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी/अधिकारी जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं हैं, अगर वह जानबूझ कर इस अधिनियम के पालन करनें में लापरवाही करता हैं तो उसे 6 माह से एक साल तक की सजा दी जा सकती हैं।

इस लेख में लेखक के व्यक्तिगत विचार   हैं और जरूरी नहीं कि इंटेलीजेंट इंडिया   के संपादकीय दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।



बिपिन ससि इंटेलिजेंट इंडिया हिंदी के लिए, बंगलुरु से

शनिवार, 31 मार्च 2018

दिल्ली : SSC के 5 हजार छात्र सड़क पर, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षा में धांधली की जांच को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र शनिवार को एक बार दिल्ली में जुटे हैं। कई हजार एसएससी परीक्षार्थी शनिवार को दिल्ली के संसद मार्ग पर जमा हुए। दिल्ली पुलिस और छात्रों में कई जगहों पर टकराव भी हुआ है। पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज किया है और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है। कई छात्रों को लाठीचार्ज में चोटें लगने की खबर है। छात्रों ने जनपथ से लेकर कनॉट प्‍लेस तक सड़क जाम की कोशिश की इस दौरान भी पुलि‍स और छात्रों में टकराव हुआ। एसएससी परीक्षा में धांधली की जांच को लेकर देशभर से आए छात्र दिल्ली में एसएससी ऑफिस के बाहर 27 फरवरी से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि एसएससी परीक्षाओं में भारी धांधली हुई है और ये एक बड़ा स्कैम है। छात्रों की मांग है कि इसकी सीबीआई से जांच कराए जाने का लिखित आश्वासन दे। छात्रों का कहना है कि आयोग ने जांच का भरोसा तो दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पागलखाने में था लापता कॉमेडियन, कहा- बाहर आने में किसी ने नहीं की मदद

कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर की लापता होने की मिस्ट्री उलझती ही जा रही है. सिद्धार्थ ने वीडियो जारी कर यह तो बता दिया है वो सुरक्षित हैं, लेकिन पिछले 4 महीने से वो कहां थे, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि वो पागलखाने में थे.SpotboyE को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मैं पागलखाने में भर्ती था. मेरा परिवार जायदाद के विवाद में फंसा था. मैंने पागलखाने में देखा कि मरीजों को शॉक ट्रीटमेंट दिया जाता है. मैं डिप्रेशन में जा रहा था. किसी को नहीं पता कि मैं अभी कहां हूं, लेकिन मैं अभी जिन लोगों के साथ रह रहा हूं, उन्होंने इस ट्रॉमा से निकलने में मेरी मदद की है.

रविवार, 25 मार्च 2018

अमेरिका में लाखों लोगों ने किया प्रदर्शन, गन कंट्रोल कानून को कड़ा करने की मांग की



वॉशिंगटन: अमेरिका में गन कंट्रोल कानूनों को कड़ा करने की मांग के लिए लोग भारी तादाद में सड़कों पर उतरे। लाखों अमेरिकी वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स सहित कई शहरों में शनिवार को सड़कों पर उतर कर गन कंट्रोल कानूनों को कड़ा करने की मांग की। इन प्रदर्शनों के लिए आह्वान पिछले महीने पार्कलैंड स्कूल गोलीबारी की घटना में जीवित बचे किशोरों ने किया। पार्कलैंड स्कूल गोलीबारी में 17 लोगों की मौत हो गई थी। रैली का नाम 'मार्च फॉर अवर लाइव्स' है, जिसमें कुछ हॉलीवुड सितारों सहित सभी क्षेत्रों के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कांग्रेस से गन से हो रही हिंसा से मुकाबला करने का आह्वान किया।

गौरतलब है कि फ्लोरिडा हाई स्कूल में 14 फरवरी को हुई गोलीबारी में 17 लोग मारे गए थे। जिसके बाद अमेरिका में गन रखने के कानून को कड़ा करने की मांग में तेजी हो गई है। इस दिशा में अभियान चला रहे एक गैर-सरकारी संगठना (NGO) के मुताबिक, जनवरी 2013 से देशभर के स्कूलों में गोलीबारी की कम-से-कम 283 घटनाएं हो चुकी हैं। इसका यदि औसत निकाला जाए तो हर सप्ताह एक स्कूल में गोलीबारी होती है।

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

योगी बरसाना में होली खेलने गये, ईद मनाने के सवाल पर कहा – मैं हिन्दू हूं


Lathmar Holi खेलने के लिए बरसाना में सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मथुरा में श्रीकृष्ण जन्म भूमि के दर्शन किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार वह श्रीकृष्ण जन्म भूमि पर गये है। मीडिया से बात करते हुए उन्होने कहा कि यह स्थल पर्यटन की दृष्टी से बहुत ही महत्वपूर्ण है। जब मीडिया ने अयोध्या में दिवाली और मथुरा में होली मनाने का सवाल किया तो उन्होने कहा कि मैं एक हिन्दू हूं और हर एक को अपनी अपनी आस्था को व्यक्त करने का पूरा पूरा अधिकार है। बता दें कि योगी यहां पर Lathmar Holi खेलने के लिए आये हुए है।
धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार मुझे भी

मुझे सरकार चलाते हुए लगभग 1 साल हो गये है और मैने किसी को न तो ईद मनाने और न ही क्रिसमस मनाने से रोका है। अपनी अपनी अस्था को व्यक्त करने के लिए हर एक व्यक्ति स्वतंत्र है। धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार भारत के अंदर हर एक को मिला है। इसलिए मुझे लगता है कि यह अजादी मुझे भी मिली है। मुझे अपनी परंपरा पर गर्व है।


पर्यटन को बढ़ावा देना

सीएम योगी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐसा कर रहा हूं। अयोध्या में दीपावली, मथुरा में होली, काशी में देव दीपावली और चित्रकूट में राम मेला उत्सव मनाया जायेगा। बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि यह रंगों का त्यौहार, खुशियों का त्यौहार है और इस पर्यटन से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने यह कदम उठाया है। हम चाहते हैं कि हमारी संस्कृति और उत्सव को और अधिक बढ़ाया जाये। यूपी के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि होली के त्यौहार के द्वारा हम मथुरा को प्रमोट करना चाहते है ताकि यहा पर और अधिक पर्यटक घुमने के लिए आये।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ रसोत्सव 2018 को मनाने के लिए शुक्रवार को मथुरा पहुंचे थे। वे वहां पर बरसाने में लठमार होली (Lathmar Holi) भी खेलने वाले है। इससे पहले अयोध्या में वे दीपावली भी मना चुके है। वहां पर सीए योगी एक गैस प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे। उसके बाद बिहारी इंटर कॉलेज कैंपस में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि सीएम मनोहर लाल खट्टर भी वहां पर मौजूद रहेंगे। कुछ सुत्रों से ज्ञात हुआ है कि हेमा मालिनी की डांस परफॉर्मेंस भी वहां पर होगी तथा इसके बाद सूफी गायक कैलाश खेर का प्रोग्रम भी रखा गया है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बरसाना में Lathmar Holi खेलने के लिए फूलों से बने 6 हजार लीटर रंग का इस्तेमाल किया जायेगा। मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा है कि सीएम का स्वागत 101 ढोल नगाड़ों के साथ किया जायेगा। बताया जा रहा है कि इस मौके पर लगभग एक लाख से ज्यादा लोग बरसाना पहुंचेंगे। यूपी के पूरी कैबिनेट को होली में सम्मिलित होने का न्योता दिया गया है। उन्होने यह भी कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

दो पूर्व आईएएस अधिकारियों की हुई कांग्रेस में एंट्री




मुंबई
महाराष्ट्र की दलित राजनीति में अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले दो पूर्व आईएएस अधिकारियों ने कांग्रेसउत्तम खोब्रागडे आरपीआई का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। बता दें कि खोब्रागडे, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी आरपीआई में कार्यकारी अध्यक्ष थे।

जहां एक ओर खोब्रागडे कांग्रेस के साथ आए वहीं दूसरी ओर पूर्व अधिकारी किशोर गजभिए बीएसपी छोड़कर भी कांग्रेस के साथ जुड़ गए। दोनों दिल्ली में कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। का दामन थाम लिया। इसमें से एक तो केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी आरपीआई के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018

मोदी ने जॉर्डन के किंग से मुलाकात की, इंडियन कम्युनिटी ने लगाए भारत माता की जय के नारे



नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे। कुछ देर बाद उन्हें जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला बिन अल हुसैन से मुलाकात की। इस दौरान पीएम के साथ गया डेलिगेशन भी मौजूद था। फोर सीसंश होटल में जब पीएम पहुंचे तो यहां लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई। मोदी ने कुछ बच्चियों से भी मुलाकात की। इस दौरान, इंडियन कम्युनिटी के लोग ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे। मोदी का यह विदेश दौरा 12 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान वो फिलीस्तीन, यूएई और ओमान के नेताओं से गल्फ और वेस्ट एशियन इलाके में भारत के रिश्तों को लेकर बातचीत करेंगे। 2015 के बाद इस क्षेत्र में अपने 5वें दौरे से पहले मोदी ने कहा कि गल्फ और वेस्ट एशिया भारत की प्रॉयोरिटी में शामिल है। इन देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूती मिलेगी।
पीएम ने ट्वीट भी किया

- अम्मान पहुंचने के बाद पीएम ने एक ट्वीट भी किया। कहा- हम अम्मान पहुंच चुके हैं। मैं किंग अब्दुल्ला द्वितीय का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने हमारे लिए फ्लाइट और एक्सेस का अरेंजमेंट किया।
- मोदी को रिसीव करने के लिए जॉर्डन के प्राइम मिनिस्टर हानी अल मल्की खुद एयरपोर्ट पहुंचे। बता दें कि 30 साल बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री जॉर्डन आया है।

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

पाक एंकर ने बेटी को बिठाकर की एंकरिंग, रेप की घटना से थी नाराज

दरअसल भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में एक सात साल की बच्ची जैनब अंसारी की रेप के बाद हत्या कर दी गई. जिसके बाद पूरे पाकिस्तान में इसका विरोध हो रहा है. वहां की कई बड़ी हस्तियों ने इसकी निंदा की है. इस बीच पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल समा की एंकर किरण नाज ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना का नायाब तरीके से विरोध किया.

रविवार, 7 जनवरी 2018

शिल्पा शिंदे की राह पर चलने को तैयार 'अंगूरी भाभी', लेना चाहती हैं Bigg Boss में हिस्सा

मुंबई: 'भाबी जी घर पर है' शो से अंगूरी भाभी के नाम से मशहूर हुईं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे इन दिनों बिग बॉस के घर पर तहलका मचा रही हैं. शिल्पा शो की फाइनलिस्ट मानी जा रही हैं. याद दिला दें कि 2 साल पहले उन्हें कथित तौर पर 'भाबी जी..' से बाहर जाने का रास्ता दिखा दिया गया था. विवाद के बाद उन्होंने 'बिग बॉस' से वापसी की. उन्हें की देखा-सीखी अब नई अंगूरी भाभी यानि शुभांगी अत्रे भी रिएलिटी शो में हिस्सा लेना चाहती हैं. इन दिनों टेलीविजन के पॉपुलर शो 'भाबी जी घर पर हैं' में नजर आ रहीं शुभांगी अत्रे ने कहा कि वह रिएलिटी शो करना चाहती हैं. 

मंगलवार, 7 नवंबर 2017

इंडिगो के स्टाफ ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पैसेंजर से की मारपीट, एयरलाइन ने माफी मांगी

नई दिल्ली: चेन्नई से दिल्ली आए एक हवाई यात्री के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट के कर्मचारी ने अपने ही यात्री के साथ हाथापाई की. जिस शख्स के साथ इंडिगो एयरलाइन के कर्मचारियों ने मारपीट की, उस शख्स का नाम विनय कटियाल बताया जा रहा है. दरअसल, विनय कटियाल जब पिछले महीने चेन्नई से दिल्ली आए तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके साथ एयरलाइन के कर्मचारी मारपीट करेंगे. 

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कोच का इंतजार करने के दौरान एयरलाइन के दो ग्राउंड स्टाफ विनय कटियाल नामक शख्स कैसे एक-दूसरे से बहस कर रहे हैं. शख्स और कर्मचारी के बीच बहस इस कदर बढ़ जाती है कि बात हाथापाई पर आ जाती है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ग्राउंड स्टाफ विनय कटियाल को पीछे से पकड़ लेता है और कैसे फिर मारपीट शुरू हो जाती है.

रविवार, 5 नवंबर 2017

रविवार, 15 अक्तूबर 2017

हम जिन्दा इंसानों को भूख से मरने दे रहे हैं और मूर्तियों को पूज रहे हैं।




खाद्यान्न वितरण प्रणाली में सुधार तथा अधिक पैदावार के लिए कृषि क्षेत्र में नित नए अनुसंधान के बावजूद भारत में भुखमरी के हालात बदतर होते जा रहे हैं जिसकी वजह से ‘ग्लोबल हंगर इंडैक्स’ में देश 3 पायदान नीचे खिसक गया है। ‘इंटरनैशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीच्यूट (आई.एफ.पी. आर.आई.) के अनुसार एशियाई देशों में भारत की स्थिति बस पाकिस्तान और बंगलादेश से थोड़ी ही बेहतर है। इंडैक्स में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की स्थिति सबसे बुरी है। आई.एफ.पी.आर.आई. के दक्षिण एशिया क्षेत्र के निदेशक पी.के. जोशी ने रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि भारत में कुपोषण के हालात खराब जरूर हैं लेकिन 2022 तक देश को कुपोषण से मुक्त करने के लिए सरकार ने जो कार्य योजना बनाई है वह सराहनीय है। इसमें आने वाले वर्षों में देश से कुपोषण खत्म करने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता झलकती है।भुखमरी में भारत 119 देशों में 100 वें स्थान पर पहुंचा....शर्म से सिर झुक जाता है।आईये हम कुछ आंकड़ों पर नज़र डालते है
 
  • गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल मूर्ति का बजट 2979 करोड़ रुपये।
  • महाराष्ट्र में महाराजा छत्रपति शिवाजी की मूर्ति का बजट 3600 करोड़ रुपये।
  • उत्तरप्रदेश के अयोध्या में भगवान श्री राम की मूर्ति का बजट 195 करोड़ रुपये।
  • हमारा देश बदल रहा है।

शुक्रवार, 13 अक्तूबर 2017

अरविंद केजरीवाल की नीले रंग की वैगनआर हुई चोरी, जानें यह कार क्यों रही है चर्चा में



नई दिल्ली: दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नीले रंग की मशहूर वैगन आर कार के चोरी हो जाने की खबर है, वो भी दिल्‍ली सचिवालय के सामने से. सीएम की यह कार 'आप मोबाइल' भी कहा जाता था और 2014 में यह कार खूब सुर्खियों में रही थी जब दिल्‍ली पुलिस के विवादास्‍पद खिलाफ प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल इस कार का इस्‍तेमाल कैंप करनेअरविंद केजरीवाल की आम आदमी की छवि से जुड़ चुकी नीले रंग की कार इन दिनों आप का एक कार्यकर्ता इस्तेमाल करता था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘कार दिल्ली सचिवालय के बाहर खड़ी की गई थी. रात करीब 1 बजे यह गायब हो गई.’ सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने जनवरी 2013 में केजरीवाल को यह कार उपहार में दी थी. और सोने के लिए भी करते थे.

गुरुवार, 12 अक्तूबर 2017

आरुषि-हेमराज हत्याकांड को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने मारा



नई दिल्लीः मर्डर मिस्ट्री में 2 हत्याएं (आरुषि-हेमराज), 2 तरह के किस्से, 2 तरह के ही सुराग, 2 संभावनाएं और 2 तरह के संदिग्ध सामने आए। गाजियबाद कोर्ट के सामने 5 साल और हाईकोर्ट में 4 साल 2 तरह के ट्रायल। 3 जांचकर्त्ता पहले नोएडा पुलिस, दूसरी सी.बी.आई. की टीम और फिर सी.बी.आई. की एस.आई.टी. टीम 3 तरह के अलग-अलग जांचकर्त्ता। पहले 5 साल में 46 गवाह बाद में हाईकोर्ट में 27 गवाह नए पेश किए। जांच में करीब 15 डॉक्टर, 4 फोरैंसिक प्रयोगशालाएं भी लगीं। मामले में 7 बार गिरफ्तारी और 3 बार रिहाई भी हुई। ऐसे में केस को उलझना ही था। मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व डी.जी.पी. विक्रम सिंह ने कहा मैं उस समय केस से सीधे नहीं जुड़ा था,लेकिन यू.पी. के हर आई.पी.एस. की नजर में वह केस रोज सामने आता था।

मामले में तीनों जांचकर्त्ताओं ने अलग-अलग निष्कर्ष निकाला जिससे यह केस खराब हुआ। या तो जांचकर्त्ता फोरैंसिक को आधार बनाता या फिर मिले साक्ष्यों से परिस्थितियों को जोड़ता तो शायद हाईकोर्ट में यह परिवार नहीं छूटता लेकिन दोष एजैंसियों का ही है। आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री में 9 साल के दौरान 73 गवाह पेश किए गए और करीब 22 करोड़ से ज्यादा का खर्चा आया। यह खर्चा अब तक किसी भी मर्डर को सुलझाने में किया गया सबसे अधिक खर्च है, उसके बाद भी सी.बी.आई. जैसी एजैंसी कटघरे में है कि कोर्ट कहता है कि आप मर्डर जैसे केस में सबूतों की जगह संदेह को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जबकि आपके पास देश की सर्वश्रेष्ठ लैब और अधिकारी हैं। कोर्ट ने सी.बी.आई. को ये भी चेताया कि अन्य केसों में जहां आप फोरैंसिक को मुख्य आधार बनाते हैं वहीं आपने इस केस में उसे आधार नहीं रखा। यही नहीं कानूनन किसी भी जुर्म को साबित करने के लिए कड़ी से कड़ी को जोड़ना बेहद जरूरी होता है, जो इस केस में आपने नहीं किया इसलिए संदेह का लाभ तलवार दम्पति को मिला।

कब-क्या हुआ?

-15 मई 2008 की रात में नोएडा के सैक्टर-25, जलवायु विहार में आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई थी।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

रेल में सबसे पहले संचालन व्यवस्था को ठीक करने की सबसे ज्यादा जरूरत है


ऑस्ट्रेलिया की जितनी आबादी  है उतने लोग हमारे यहाँ रेल में सफर करते है रोज़ और  हमारे मंत्री सिर्फ इसी में लगे रहते है की कौन  सी ट्रैन किसके विधान सभा क्षेत्र में रुके  ! सिर्फ ट्रैन में बैठने वाला ही असुरक्षित नही है...ट्रैन से उतरने के बाद भी लोग असुरक्षित हो गए हैं ! शिव सेना संसद अरविन्द सावंत की मने तो उन्होंने ५ बार रेल मंत्री को पत्र लिखा था पुल  की चौड़ाई  बढ़ाने ! सर्कार की सुरक्षा प्रावधान को देखा जाये तो यह लगता है की आम आदमी की जान की कोई कीमत  नहीं है ,बहुत बारिश है, घर पर रहा तो नौकरी जाएगी..सड़क पर निकला तो डूब जाएगा,  लोकल से गया तो फुटऑवर ब्रिज पर दम घुट जाएगा  !     मंत्री पियूष गोयल अब कैपेसिटी ऑडिट और निरिक्षण की बात कर रहे है ! क्या २२ लोगो की मौत के बाद  मंत्री जी का विवेक आएगा  ?



बुधवार, 27 सितंबर 2017

यशवंत सिन्हा का जेटली पर हमला : आर्थिक मोर्चे पर कितनी मुश्किलों में घिर गयी है मोदी सरकार?



नयी दिल्ली : अपने कार्य प्रदर्शन को लेकर अबतक सवालों से बेपरवाह नरेंद्र मोदी सरकार को लगभग साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सबसे कठिन चुनौतियों और सवालों से जूझना पड़ रहा है. यह सवाल घरेलू व बाहरी दोनों मोर्चों पर ताबड़तोड़ किये जा रहे हैं. और, नोटबंदी पर संसद में चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री व देश में उदारवाद के जनक डाॅ मनमोहन सिंह का वह बयान हर कोई याद कर रहा है, जिसमें उन्होंने अपना अनुमान पेश करते हुए कहा था कि जीडीपी में दो प्रतिशत तक कमी आने की आशंका है. कांग्रेस उपाध्यक्ष जहां प्रधानमंत्री मोदी के गृहप्रदेश गुजरात में ही यह सवाल उठा रहे हैं कि उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी के जरिये अर्थव्यवस्था की रफ्तार थाम दी और बेरोजगारी की समस्या बढ़ गयी, वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस में पत्र लिख कहा है कि अरुण जेटली ने अर्थव्यवस्था का कबाड़ा कर दिया है और उन्हें हारने के बाद भी वित्तमंत्री बनाया गया. ऐसा पहली बार नहीं है, जब सिन्हा ने मोदी सरकार पर सवाल उठाया है. छह बार देश का बजट पेश कर चुके अनुभवी सिन्हा पूर्व में भी समय-समय पर अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं. पिछले महीने गवर्नेंस नाउ को दिये एक इंटरव्यू में भी उन्होंने अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था कि रिफॉर्म प्रोसेस बहुत धीमी है

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