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बुधवार, 10 अप्रैल 2019

Swara Bhaskara: आरा की अनारकली स्वरा भास्कर अब बेगूसराय से कन्हैया के चुनाव प्रचार में

लोकसभा चुनाव में बेगूसराय राष्ट्रवाद की प्रयोगशाला बना हुआ है. मंगलवार को सीपीआई के युवा उम्मीदवार कन्हैया कुमार जब निकले तो पूरा बेगूसराय लाल झंडों से पट गया. अपने पैतृक गांव बीहट से निकल कर जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचने में उन्हें घंटों लगे. पूरा शहर जाम रहा. गांव की गलियों से मुहल्लों से लोग भारी तादाद में पहुंचे थे. बेगूसराय को लेनिनग्राद या मिनी मास्को भी कहा जाता है, लेकिन कहने वाले कहते हैं कि ऐसी भीड़ और ऐसा उत्साह पहले कभी नहीं देखा गया.

कन्हैया कुमार के समर्थन में युवा भरपूर उत्साह में दिख रहे हैं तो उनके समर्थन में फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी बेगूसराय के चुनावी मंच से जोरदार भाषण दे रही हैं. स्वरा का कहना है कि कन्हैया को बीजेपी ने फंसाया है. उन पर देशद्रोह के झूठे मुकदमे दर्ज किए गए जबकि कन्हैया सच्चे देशभक्त हैं. स्वरा ने स्पष्ट कहा कि बीजेपी के राष्ट्रवाद से कन्हैया का राष्ट्रवाद सच्चा है.

शनिवार, 30 मार्च 2019

कन्हैया ने ३१ लाख चंदा जुटाया , उनके चंदा जुटाने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल

 बात 17 साल पुरानी है जब देश के दिग्गज उद्योग घराने टाटा समूह के रतन टाटा ने CPIM को 1.5cr का चेक भिजवाया था तो पार्टी के तत्कालीन वरिष्ठ नेता एबी वर्धन ने उसे लौटा दिया था और कहा था कि पार्टी कॉर्पोरेट से चुनावी चंदा नहीं लेती. कन्हैया का कहना है की कानून के हिसाब से उन्हें ७० लाख चंदा जुटाने का अधिकार है ! मगर फिर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आदर्शो का क्या होगा ? सीपीआई पार्टी कॉर्पोरेट फंडिंग के सख़्त ख़िलाफ़ है तो कन्हैया को इसकी अनुमति किसने दी? इस सन्दर्भ में केजरीवाल का उदहारण देते हुए बताना चाहूंगा की वो कांग्रेस को ब्रष्ट कहते रहे , सत्ता में आये और आज २०१९ एक लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ ही गठबंधन की कोशिश में जुटे है ! राजनीती है भाई कुछ भी हो सकता है ! 

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