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रविवार, 30 जून 2019

मंगलवार, 21 मई 2019

इंदौर भाजपा नेता की पत्नी वाणिज्यक कर महिला अधिकारी के घर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

इंदौर,करोड़ो की अधिकारी,लोकायुक्त का छापा,छावनी में सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी कोमल बाली के यहां लोकायुक्त पुलिस ने सुबह 5.30 बजे छापा मारा,जिसमें अब तक संयोगितागंज क्षेत्र में दो मकान, देव गुराडिया क्षेत्र में एक फॉर्म हाउस,49,000 कैश लगभग 2 किलो सोना,लग्जरी गाड़िया पाई गई।Image may contain: 1 person, smiling

रविवार, 7 अप्रैल 2019

कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के यहाँ छापे, नौ करोड़ रुपये बरामद, कार्रवाई जारी


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और उनके पूर्व सलाहकार आरके मिगलानी के कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे हैं.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक नौ करोड़ रुपये की राशि बरामद हो चुकी है.


आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़, यह छापे भोपाल, इंदौर और दिल्ली में कई स्थानों पर मारे गये हैं.बताया जा रहा है कि यह छापे की कारवाई लोकसभा चुनाव के लिए हवाला के ज़रिये धन इकट्ठा करने की सूचना मिलने पर की गई है.

शनिवार, 30 मार्च 2019

Bhopal Airport: फरवरी में एयरलाइन कंपनियों के 92 फेरे घटे



जनवरी की तुलना में फरवरी में एक बार फिर विमानों के फेरों और यात्रियों की संख्या में गिरावट आ गई। जनवरी में जहां विमानों के 986 फेरे थे। वहीं, फरवरी में घटकर 894 रह गए। यानी फरवरी में एयरलाइन कंपनियों के 92 फेरे घटे। यात्रियों की संख्या इस दौरान 6.50 फीसदी घटी। नए रूट शुरू नहीं होते तो यात्रियों की संख्या में और गिरावट होती।भोपाल एयरपोर्ट पर एक साल में एयरकार्गो 57% बढ़ा। यह देश के 60 घरेलू विमान तलों में सबसे ज्यादा है। इंदौर एयरपोर्ट में एयरकार्गो सिर्फ 9.8 फीसदी ही बढ़ा। यानी यहां से एयरकार्गो की संभावना सबसे ज्यादा है। माह दर माह के आधार पर यह बढ़ोतरी 22 फीसदी की रही।

"फरवरी में नई उड़ानों की संख्या में तो इजाफा हुआ लेकिन अलग-अलग कारणों से कई बार फ्लाइट रद्द की गईं। जेट का फाइनेंशियल क्राइसिस इसका अहम कारण रहा। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सब ठीक हो जाएगा। " अनिल विक्रम, एयरपोर्ट डॉयरेक्टर,भोपाल

रविवार, 24 मार्च 2019

Lok Sabha Elections 2019 : कलेक्टर-पुलिस अधीक्षकों से चुनाव आयोग की वीडियो कॉन्फ्रेंस 27 मार्च को



भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले दौर में शामिल छह सीटों के लिए नामांकन दो अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो जाएगा।

इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए चुनाव आयोग 27 मार्च को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेगा।

सोमवार, 18 मार्च 2019

भय्यू महाराज ने सेवादार की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुदकुशी की थी

मध्यप्रेदश के इंदौर शहर में बहुचर्चित भय्यू महाराज खुदकुशी मामले में सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसमें बताया गया है कि भय्यू महाराज ने सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख और पलक पुराणिक की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुदकुशी की। इन तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, जबरन वसूली और संपत्ति हथियाने के लिए साजिश रचने का आरोप है। पुलिस ने भय्यू महाराज की नजदीकी बन चुकी पलक के बीच मोबाइल में हुई चैटिंग और सेवादार विनायक, शरद और पलक के बीच चैटिंग की जांच के बाद पाया कि ये तीनों महाराज की संपत्ति हथियाने के लिए दो साल से उनके आस-पास रहते हुए एक बड़ी साजिश रच रहे थे।

रविवार, 10 मार्च 2019

चुनाव से पहले कमलनाथ का बड़ा दांव, पिछड़ा वर्ग का कोटा 14 से 27 किया, लटका सवर्ण आरक्षण


लोकसभा चुनाव के लिए अब आचार संहिता किसी भी वक्त लग सकती है लेकिन उसके ठीक पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है. मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू कर दिया गया है. कैबिनेट से पास होने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इसे मंजूरी दे दी है.


आपको बता दें कि 6 मार्च को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया था कि मध्यप्रदेश में ओबीसी के लिए जो 14 फीसदी आरक्षण लागू है उसे बढ़ाकर 27 फीसदी किया जाए. इसे कांग्रेस का बड़ा दांव इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मध्यप्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 49 फीसदी है और ऐसे में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिलने की संभावना ज्यादा है.

Madhya Pradesh IAS Transfer List : दो अपर मुख्य सचिव पांच प्रमुख सचिव और दो संभागीय आयुक्तों का स्थान तरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार कल शाम तक या परसों सुबह तक दो अपर मुख्य सचिव पांच प्रमुख सचिव और दो संभागीय आयुक्तों के साथ 8 एच ओ डी और चार कलेक्टरों के स्थान तरण ओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है यह सूची भी कल देर रात्रि या परसों सुबह जारी कर दी जाएगी मैं भी चौंकाने वाले नाम आने वाले हैं यह सब कुछ लोकसभा चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है दो एच ओ डी तो इतने ताकतवर हैं जिम के नामों पर  प्रशासन में कसावट आने के संकेत  आने लगेंगे यह जो ताकतवर काफी दिनों से अपनी कुर्सी बचाने में जद्दोजहद कर चुके हैं लेकिन हर तरफ से उन्हें निराशा नजर आ रही है इसी तरह से 2 दिन के भीतर आईपीएस की भी एक बड़ी सूची आने की संभावना है जिसमें कुछ पुलिस अधीक्षक ओं के नाम भी शामिल हैं इसमें कुछ आईजी कुछ डीआईजी भी शामिल हैं और कुछ एच ओ डी वी पुलिस विभाग के हैं !

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण 14% से बढ़ाकर हुआ 27%, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी मंजूरी

भोपाल : मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मध्यप्रदेश सरकार ने OBC के लिए आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करते हुए शनिवार को एक अध्यादेश लाई है। राज्य के कानून एवं विधि विषयक मंत्री पी सी शर्मा ने यह जानकारी दी। इस कदम को सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव से पहले OBC को अपने पाले में करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शर्मा ने कहा, 'यह अध्यादेश जारी किया गया है और अधिसूचित किया गया है।'

सलमान खान को इंदौर से चुनाव लड़ाने के मूड में कांग्रेस, इससे पहले सामने आया था 'टीवी के राम' का नाम

Salman Khan might contest lok sabha election from Indore: जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे सितारों का राजनीति प्रेम भी नजर आने लगा है, वहीं राजनैतिक पार्ट‍ियां भी सितारों को अपने खेमे में करने की जुगत में लगी हैं। कुछ वक्‍त पहले रामानंद सागर की रामायण में राम का रोल निभाकर लोकप्र‍िय हुए अभिनेता अरुण गोव‍िल के कांग्रेस के स‍िंबल पर इंदौर से चुनाव लड़ने की चचा र्थी तो अब नया नाम सामने आया है बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का।

कुछ वक्‍त पहले मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने एक मीटिंग में सलमान खान के नाम का जिक्र किया था और हाल ही में सलमान खान को मध्य प्रदेश टूरिज्म का ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया है। अब चर्चा ये है कि कांग्रेस पार्टी उन्‍हें इंदौर से लोकसभा का ट‍िकट दे सकती है। अगर ऐसा हुआ तो उनका मुकाबला भाजपा की नेता और वर्तमान लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन से हो सकता है।

बुधवार, 23 जनवरी 2019

भोपाल DIG ने लिया चार्ज, बड़े पैमाने पर बदलाव की संभावना



भोपाल। राजधानी भोपाल के नए डीआईजी इरशाद वली ने आज बुधवार दोपहर को डीआईजी धर्मेन्द्र चौधरी से एक सादे मगर गरिमामय कार्यक्रम में चार्ज लिया। चार्ज लेने के दौरान जिले के सभी सीनियर अफसर मौजूद थे।

मीडिया से मुखातिब होते हुए 2004 बैच के आईपीएस इरशाद वली ने कहा कि जिले की आपराधिक व भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने के बाद रणनीति तैयार की जायेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का पूरा प्रयास रहेगा कि अपराध में कमी आये और अपराधियों में भय पैदा हो।रशाद वली ने आगे बताया की वह भी टीम वर्क के साथ अपराधों पर लगाम लगाएंगे। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की हर संभव कोशिश की जाएगी। वही इरशाद वली ने शहर वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकानाएं भी दी।

माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर डीआईजी इरशाद वली बड़े पैमाने पर जिले के पुलिस महकमे में बदलाव कर सकते हैं।

IAS रूपला ने मध्य प्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण से दिया इस्तीफा



भोपाल। मध्य प्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण के रजिस्ट्रार पद से पूर्व आईएएस शिवनारायण रूपला ने इस्तीफा दे दिया है।

इंडिया वन समाचार के प्रशासनिक संवाददाता के अनुसार आईएएस शिवनारायण रूपला की नियुक्ति पूर्व शिवराज ​सरकार के कार्यकाल में हुई थी। रूपला ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वह निजी कारणों से इस्तीफा दे रहे हैं।

सोमवार, 31 दिसंबर 2018

जिम्मेदार अधिकारी होने वाले कार्यों की जानकारी देंगे - मुख्यमंत्री श्री नाथ



मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में विशाल जनसभा में कहा कि जनता घोषणाओं से थक चुकी है। इसलिये अब वे कोई घोषणा नहीं करेंगे। होने वाले कार्यों की संपूर्ण जानकारी जिम्मेदार अधिकारी देंगे और कार्य के पूरा होने की समय-सीमा भी बतायेंगे।

छिन्दवाड़ा जिले में होने वाले कार्य

छिन्दवाड़ा कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने जनसभा में जिले में भविष्य के लिये स्वीकृत विकास और जन-कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कार्य की लागत और पूर्ण होने की समय-सीमा भी बताई। बताया गया कि जिले में कृषि महाविद्यालय खोला जायेगा। जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई एवं बिछुआ में कृषि उपज उप मंडी प्रारंभ की जायेगी। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में एक मार्च से प्रति दिन नियमित रूप से पेयजल की सप्लाई की जायेगी। छिन्दवाड़ा शहर के इंदिरा तिराहे से गांगीवाड़ा तक 8.10 किलोमीटर लंबे मार्ग को 22 करोड़ की लागत से चौड़ा किया जायेगा। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में मुख्यमंत्री आश्रय योजना के एक हजार 223 हितग्राहियों को एक माह के भीतर आवासीय पट्टे दिये जायेंगे। वन विभाग द्वारा जिले के एक हजार 100 युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण दिया जायेगा। छिन्दवाड़ा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के भवन और प्रयोगशाला का निर्माण करवाया जायेगा।

पेयजल व्यवस्था के लिये एक हजार 426 करोड़ का निवेश

कलेक्टर ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जिले में लगभग 1,426 करोड़ रूपये का निवेश पेयजल व्यवस्था के लिये किया जायेगा। इसमें मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा जिले के 711 गाँवों में 1017 करोड़ की लागत से समूह पेयजल योजना क्रियान्वित कर आगामी 30 महीने में सभी ग्रामों के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे विकासखण्ड मोहखेड़ के 153, छिन्दवाड़ा के 107, परासिया के 131, चौरई के 180, बिछुआ के 70, अमरवाड़ा के 63 और जामई के 7 ग्रामों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। निगम के माध्यम से ही मोहगाँव बांध के जल-स्रोत से 369 करोड़ रूपये लागत की 288 गाँवों की समूह पेयजल योजना बनायी जायेगी। इससे पांढुर्णा के 159 और सौंसर के 129 गाँव के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। ग्राम शिकारपुर में 20 लाख की लागत से आगामी 3 माह में दो नये हैंड पम्प और वर्तमान नल-जल योजना के पुनरूद्धार/सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा किया जायेगा। सांसद आदर्श ग्राम योजना में जिले के मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम बीसापुर कलां में करीब 2 करोड़ की लागत से पेयजल योजना तैयार की जायेगी। छिन्दवाड़ा जिले में मांग के अनुसार आगामी 3 माह में 500 नये हैंडपम्प स्थापित कर जिले के प्रत्येक गाँव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा।



जिले के ग्रामों में स्थापित 990 नल-जल योजनाओं में सुधार की आवश्यकता वाली 150 योजनाओं का आगामी 3 माह में सुधार और नये पेयजल-स्रोतों का निर्माण किया जायेगा। जिले के 3 नगरीय निकायों परासिया, चांदामेटा और बड़कुही एवं 5 ग्रामों भाजीपानी, भमोड़ी, जाटाछापार, इकलहरा और अम्बाड़ा में संचालित पेंचव्हेली समूह पेयजल योजना में 22 करोड़ का निवेश कर इसका उन्नयन किया जायेगा। साथ ही 7 नये गाँव नजरपुर, जमकुंडा, सुकरी, दातला, डुंगरिया, पनारा और पालाचौरई को इस योजना से जोड़ा जायेगा। सिंचाई विभाग के अंतर्गत बहुउद्देश्यीय पेंच परियोजना के डिस्ट्रीब्यूटरी केनाल के पास केनाल की ऊपरी जमीनों में बड़ी संख्या में कम गहरे कुएँ खोदकर सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी तथा चोटल डैम के निचले क्षेत्र में पेंच और कुलबहरा नदी पर श्रृंखलाबद्ध रूप से बैराज और स्टाप डेम बनाये जायेंगे, जिससे नदियों के किनारे सिंचाई हो सके।

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

मध्यप्रदेश / मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रियों को बांटे विभाग, जानिए किसको क्या मिला ?



मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) ने मंत्रिमंडल में शामिल सदस्यों को आखिरकार विभाग बांट दिए. उन्होंने तीन दिन पहले ही अपनी टीम तय बना ली थी, मगरविभागों के बंटवारे पर पशोपेश था. वजह कि कई अहम विभागों को लेकर कई दावेदारों के बीच जोड़तोड़ चल रही थी. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पास करीब सात प्रमुख विभाग रखे हैं. इसमें औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, जनसम्पर्क, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, लोक सेवा प्रबंधन, अप्रवासी भारतीय, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार जैसे विभाग शामिल हैं. बाला बच्चन को गृह जैसा विभाग मिला है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ. विजय लक्ष्मी साधो को संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा तथा आयुष विभाग मिला है. सज्जन सिंह वर्मा को लोक निर्माण तथा पर्यावरण विभाग तो हुकुम सिंह कराड़ा जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.इसी तरह, डॉ. गोविन्द सिंह को साहकारिता विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि बाला बच्चन को गृह तथा जेल विभाग सौंपा गया है और वे मुख्यमंत्री से भी संबद्ध रहेंगे. मंत्रिमंडल में आरिफ अकील को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग आवंटित किये गये है. बृजेन्द्र सिंह राठौर को वाणिज्य कर विभाग सौंपा गया है. मंत्रिमंडल में शामिल एकमात्र निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को खनिज साधन विभाग आवंटित किया गया है. लाखन सिंह यादव को पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग का दायित्व सम्भालेंगे. तुलसी सिलावट लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बनाये गये है. गोविन्द सिंह राजपूत राजस्व तथा परिवहन विभाग का दायित्व सम्भालेंगे. इमरती देवी को महिला एवं बाल विकास विभाग आवंटित किया गया है. ओमकार सिंह मरकाम जनजातीय कार्य विभाग, विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग मंत्री होंगे. प्रभुराम चौधरी स्कूल शिक्षा मंत्री बनाये गये है।.प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा विभाग आवंटित किया गया है. सुखदेव पांसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मंत्री होंगे. उमंग सिंघार वन मंत्री बनाये गये है. हर्ष यादव को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग आवंटित किया गया है.

सोमवार, 17 दिसंबर 2018

लोकतंत्र की जीत, जनादेश का सम्मान

यदि हर राज्य में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच जनहित के कार्यों के लिए एक सहमति का वातावरण कायम हो जाए तो शायद कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है!!विचारों की लड़ाई हो ।। सर माथे पर ।।। पर एक दुसरे के दुश्मन न बने ।। यही है भारतीय संस्कृति है और शिवराज सिंह चौहान इसे भली भाति जानते है ! उनका कमलनाथ के साथ मंच बाटना उनकी सरल हृदयता को दर्शाता है ! हमे विश्वास है बीजेपी का कोई और नेता इतनी चेष्टा नहीं कर सकता !

मध्य प्रदेश के कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने किये किसानो के ऋण माफ़

पहले ही दिन सीएम कमलनाथ ने किसानों का कर्जा माफ करने के बाद दो और बड़े फैसले लिए. सरकार ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि को 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दिया. इसके अलावा तीसरा बड़ा फैसला है, नए उद्योग लगाने पर या मध्यप्रदेश में निवेश करने पर उद्योगपतियों को सिर्फ तभी सब्सिडी मिलेगी जब उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा.

उधर छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की पहली कैबिनेट मीटिंग के तीन बड़े फैसले -

1. 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का 6100 करोड़ रूपये का कर्जा माफ.
2. धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपये प्रति क्विंटल किया गया.
3. झीरम हमले के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए SIT का किया गठन.

इन हम फैसलों को देखकर लगता है की कांग्रेस चुनाव के बाद अपने वादों पर खरी उत्तरी और मोदी जी की गलतियों  से सीख ली !

गुरुवार, 13 दिसंबर 2018

राजधानी सहित अन्य शहरों के विश्वविद्यालयों में जल्द ही सर्जरी हो सकती है



सहित अन्य शहरों के विश्वविद्यालयों में जल्द ही सर्जरी हो सकती है। इसमें कई कुलपति और रजिस्ट्रार को बदला जा सकता है। खास बात तो यह है कि किसी एक संगठन की विचारधारा वाले अधिकारियों को इस सर्जरी का हिस्सा बनाया जा सकता है। चाहे बात बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की करें या अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय की या फिर प्रदेश के एक मात्र तकनीकी विश्वविद्यालय आरजीपीवी की। सभी जगह सर्जरी होना लगभग तय माना जा रहा है।

खास बात तो यह है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव यूएन शुक्ला का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। इनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए फाइल तो वल्लभ भवन पहुंच गई है, लेकिन कार्यकाल बढ़ाने का आदेश जारी नहीं हो पाया है। इधर, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा नीरज मंडलोई का कहना है कि फिलहाल यूएन शुक्ला को अंतरिम रूप से कार्य करने के लिए कहा जाएगा। जब तक अंतिम आदेश नहीं आ जाता। इससे स्पष्ट है कि सरकार बदलने के बाद यहां भी बड़े फेरबदल हो सकते हैं।



बता दें कि बीयू में छह करोड़ रुपए से सड़कें बनाने के मामले में विवि को ब्याज देना पड़ा। कर्मचारियों के खाते में ज्यादा पैसे जमा हो गए। उत्तर पुस्तिका जांचने में घोटाला उजागर हुआ। वाहन सेल में गाड़ियां मंत्रियों को भिजवाई गई। इन सब घटनाक्रम के बावजूद बीयू के रजिस्ट्रार की प्रतिनियुक्ति बढ़ाने की फाइल पर विचार किया जा रहा है।

इन पर गिर सकती है गाज

आरजीपीवी के कुलपति प्रो सुनील कुमार गुप्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीबी माने जाते हैं। हालांकि इनकी नियुक्ति 22 जून 2017 को ही हुई है, लेकिन सरकार बदलने पर इनकी नियुक्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं, आरजीपीवी के रजिस्ट्रार एसके जैन पर भी गाज गिर सकती है।

विवि में नियुक्त किए गए शशिरंजन अकेला पर भी गाज गिरने की आशंका है। इधर, हिंदी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सुनील कुमार पारे और कुलपति रामदेव भारद्वाज भी इस सर्जरी में शामिल हो सकते हैं। ऐसा ही हाल भोज विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों का होगा।

पीएमओ ने किसान को वापस भेजा मनी ऑर्डर,जानें क्या था पूरा मामला


देश में जैसे ही प्‍याज के दाम ऊपर या नीचे होते हैं, तो राजनीतिक पार्टियों की दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं। प्‍याज कई राजनीति पार्टियों को रुला चुकी है। दिल्‍ली में तो प्‍याज की बढ़ती कीमत की वजह से भारतीय जनता पार्टी की सरकार के हाथ से सत्‍ता ही चली गई थी। ऐसे में प्‍याज के मुद्दे पर राज्‍यों से लेकर केंद्र की सरकार भी हमेशा सचेत रहती है। हाल ही में प्‍याज की कीमत से जुड़ा एक मुद्दा प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया। हालांकि ये मुद्दा प्‍याज की बढ़ी कीमत को लेकर नहीं, बल्कि इसकी बेहद कम कीमत को लेकर नासिक के एक किसान ने उठाया।
प्‍याज की कम कीमत को लेकर नासिक में कई किसानों ने विरोध स्‍वरूप प्‍याज को सड़कों पर फेंक दिया। इनका कहना है कि प्‍याज की इतनी कम कीमत लेने से अच्‍छा है कि वो इसे ऐसे ही फेंक दें।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक किसान द्वारा भेजे गए मनी-ऑर्डर को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से लौटा दिया गया है। कुछ दिन पहले एक स्थानीय डाकघर ने उन्हें सूचित किया कि उनके मनी-ऑर्डर को स्वीकार नहीं किया गया।
किसान ने बुधवार को बताया, 'मैं सोमवार को निपहद के डाक कार्यालय गया और 1,064 रुपये मुझे वापस कर दिए गए। मेरा उद्देश्‍य सरकार को किसानों के वित्तीय परेशानी को कम करने को लेकर कुछ कदम उठाने के लिए प्रेरित करने का था। मैं बताना चाहता था कि कम कीमतों को लेकर किसानों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ये है मामला
महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक एक किसान ने फसल की कम कीमत मिलने पर अनूठे तरीके से विरोध जताया। प्याज का दाम करीब एक रुपये किलो मिलने पर किसान ने सारी रकम प्रधानमंत्री को भेज दी। यह किसान हैं नासिक जिले के निफाड तहसील निवासी संजय सेठ।
सेठ उन प्रगतिशील किसानों में शामिल थे, जिन्हें 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे पर उनसे मिलने का मौका मिला था। सेठ ने रविवार को बताया, ‘मैंने इस सीजन में 750 किलोग्राम प्याज का उत्पादन किया। निफाड के थोक बाजार में जब प्याज बेचने के लिए पहुंचा तो एक रुपये प्रति किलोग्राम का प्रस्ताव मिला। मोलभाव के बाद मैंने 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज बेच दिया, जिससे मुझे 1,064 रुपये मिले।’ उन्होंने कहा, ‘चार महीने की कड़ी मेहनत की इस कीमत ने मुझे बहुत दुखी किया। इसलिए, मैंने प्याज बेचकर मिली राशि विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री कार्यालय के आपदा राहत कोष में दान दे दी।’
प्‍याज की कीमत पर दिल्‍ली में चली गई थी सरकार
1998 में जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, तब प्याज की कीमतों ने रुलाना शुरू कर दिया था। तब प्याज के असर से बचने के लिए सरकार ने कई तरह की कोशिशें की, लेकिन दिल्ली में जगह-जगह प्याज को सरकारी प्रयासों से सस्ते दर पर बिकवाने की कोशिशें ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित हुईं। इसके बाद जब चुनाव हुआ तो मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व वाली भाजपा बुरी तरह हार गई। शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन 15 साल बाद प्याज ने उन्हें भी रुला दिया। अक्‍टूबर 2013 को प्याज की बढ़ी कीमतों पर सुषमा स्वराज की टिप्पणी थी कि यहीं से शीला सरकार का पतन शुरू होगा। 

RSS भौमिक ने पर्यटन भवन मुख्‍यालय पहुंच कर निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया।



मध्‍यप्रदेश राज्‍य पर्यटन विकास निगम के अध्‍यक्ष तपन भौमिक ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

भौमिक ने पर्यटन भवन मुख्‍यालय पहुंच कर निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया। भौमिक के साथ मध्‍य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं उज्‍जैन उत्‍तर के विधायक पारस जैन भी थे।

निगम में सादगीपूर्ण कार्यक्रम में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भौमिक को आत्‍मीय विदाई दी। श्री भौमिक ने अध्‍यक्ष के रूप में अपने तीन वर्षीय कार्यकाल में निगम के समस्‍त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिये आभार व्‍यक्‍त किया।



पर्यटन भवन में आयोजित कार्यक्रम में निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने भौमिक के सेवाकाल एवं निगम में उनके द्वारा किये गये कार्यों की सराहना एवं सुखद भविष्‍य की कामना की। श्री भौमिक ने कहा कि पर्यटन निगम को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में निगम के समस्‍त अधिकारी एवं कर्मचारियों का योगदान है। उल्‍लेखनीय है कि भौमिक ने 27 जनवरी, 2016 को निगम के अध्‍यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था।

शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2018

इस गांव में की जाती है रावण की पूजा, मूर्ति के सामने घूंघट में आती हैं महिलाएं


पूरे देश में दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, लेकिन मंदसौर के खानपुरा गांव में तो लोग रावण की पूजा करते हैं. इसकी वजह क्या है ये भी जान लीजिए.

इस गांव में नामदेव समाज की आबादी ज़्यादा है. समाज के लोग मानते हैं कि रावण की पत्नी मंदोदरी इसी गांव की थी. इस नाते रावण उनका दामाद हुआ और जमाई राजा को भला कोई मारता है. दामाद की तो पूजा की जाती है. बताते हैं कि बस इसी मान्यता के कारण इस गांव में 300 साल से ज़्यादा समय से रावण की पूजा होती आ रही है.

गांववालों ने अपने जमाई राजा रावण की इस खानपुरा गांव में भव्य मूर्ति स्थापित कर रखी है. दशहरे के दिन सुबह से लोगों का यहां पहुंचना शुरू हो जाता है. लोग हाथ में थाल और ढोल नगाड़े बजाते हुए मूर्ति स्थल तक पहुंचते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं.

गांव की परंपरा के अनुसार महिलाएं अपने ससुर और ससुराल के मर्दों के सामने सिर ढंककर जाती हैं. दशानन क्योंकि इस गांव के दामाद थे इसलिए महिलाएं रावण की मूर्ति के सामने से घूंघट में निकलती हैं.

गांव वालों के मन में रावण के प्रति इतनी श्रद्धा है कि वे यह भी मानते हैं कि जिसे भी एकातारा बुख़ार यानी एक दिन छोड़कर बुख़ार आता है, वे अगर रावण के पैर में रक्षा सूत्र बांधे तो तबियत ठीक हो जाती है.लोग यहां आते हैं और रावण के पैरों में लच्छा जिसे लाल धागा कहते हैं वो बांधते हैं. इस श्रद्धा के पीछे एक भाव यह भी है कि रावण अहंकारी था तो क्या हुआ, वह प्रकांड विद्वान भी था.

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