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शनिवार, 1 जून 2019

मिस इंडिया फ़ाइनल की एक सामूहिक तस्वीर से अब विवाद भी खड़ा हो गया है



लेकिन इन युवतियों की एक सामूहिक तस्वीर से अब विवाद भी खड़ा हो गया है. आलोचकों का कहना है कि प्रतियोगिता के आयोजनकर्ता त्वचा के रंग को तरजीह दे रहे हैं ! कई लोगों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवतिओं के रंग पर सवाल उठाया है ! क्या भारत वाकई गोरेपन की मानसिकता में उलझा हुआ है ?ये सच भी है कुछ हद्द तक ! अगर आप भारत के सैलानियों से पूछे तो वह बताएँगे की हर जगह हम भारतीय कैसे सेल्फी लेने पहुँच जाते है !

'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' अख़बार में प्रकाशित कोलाज में तीस ख़ूबसूरत लड़कियों के चेहरे हैं. ये अख़बार आयोजनकर्ता समूह का ही है.कंधों पर गिरते चमकीले बाल, साफ़ रंग जो बिलकुल एक जैसा लगता है, कुछ ने सवाल किया कि ये सब एक जैसी ही दिखती हैं.

कुछ ने मज़ाक़ में कहा कि ये एक ही व्यक्ति की अलग-अलग तस्वीरें हैं.कुछ लोगों ने यह भी कहा की फोटोशॉप का कमाल है

आलोचकों का तर्क है कि भले ही इस तस्वीर में कुछ ग़लत न हो लेकिन सभी का एक जैसा रंग एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय साफ़ रंग को तरजीह देते हैं.

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