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चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को

डीएम ने झूट बोला कि परिवारी मौजद था , फिर ससपेंड क्यों न हो ?



डीएम ने आधा वीडियो साझा करके यह भी कहा कि परिवार अंतिम संस्कार में मौजूद था ! डीएम ने पहले पत्रकारों से कहा की  बलात्कार पीड़िता के शव  को जलाते वक़्त परिवार मौजूद था ,    हर जगह मीडिया को गुमराह करने की कोशिश की गई ! इसके बावजूद सिर्फ पुलिस वालो को ससपेंड किया गया जबकि निर्णय में डीएम साहब का पूर्ण हाथ है ! 


अभी तक मीडिया को परिवार से नहीं मिलने दिया गया है , खानापूर्ति के लिए कुछ पुलिस वालो को ससपेंड कर दिया गया ! अब हर चैनल पर यही सवाल है की क्या योगी आदित्यनाथ   त्यागपत्र  देंगे  ?  या डीएम साहब पर गाज गिरेगी ?


मरते वक़्त दिए गए पीड़िता के बयान से इनकार नहीं किया जा सकता है !