बेतवा परियोजना को मिली पर्यावरण मंजूरी, 12 गांव होंगे शिफ्ट

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भोपाल। केन-बेतवा लिंक परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। इससे पन्ना टाइगर रिजर्व में केन-बेतवा के संगम पर दूधन डेम निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि मंत्रालय ने वनभूमि के बदले टाइगर रिजर्व के पश्चिमी किनारे की राजस्व भूमि देने की शर्त रख दी है।

इस भूमि पर वर्तमान में 12 गांव काबिज हैं, जिन्हें हटाकर पौधे लगाए जाएंगे। ये काम राज्य सरकार करेगी और इसके लिए केंद्र सरकार पैसा देगी। इनके अलावा 10 गांव डूब में आ रहे हैं, जिन्हें हटाने की शर्त पहले से है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को पानी देने के लिए 1984 से इस परियोजना पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण दूधन डेम निर्माण के लिए वाइल्ड लाइफ, फॉरेस्ट की मंजूरी पहले ले चुका है। डेढ़ साल से पर्यावरण की मंजूरी की कोशिश चल रही थी।

पिछले दिनों पर्यावरण मंत्रालय नई दिल्ली में हुई बैठक में परियोजना को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी ने भी इस पर मुहर लगा दी है। इन शर्तों को पूरा करने में कई साल लग सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में परियोजना के लिए दूसरी बार राज्य सरकार और जल विकास अभिकरण के बीच एमओयू हुआ था। ये देश्ा की 30 परियोजना में पहले नंबर की है।


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