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क्या पाकिस्तान के नाम पर होंगे हिंदुस्तान में चुनाव ? क्या कश्मीर का कोई सैनिक समाधान है ?



मोदी सरकार की क्या रणनीति है कश्मीर को लेकर ? इसके पीछे मोदी का  क्या विचार है क्या सोच है ?  आज जब लोग मोदी का विरोध करते है तो कई लोगो को वाजपेयी याद आते है!कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है! जब केजरीवाल जैसे नेता पाकिस्तानी चैनेलो में दिखते है तब भारत को समझना चाहिए आपने जिन नेताओ को चुना है वो देश की रक्षा और सेना के अदम्य सहस को भूलकरअपनी राजनीती की रोटीसेक रहे है


वाजपेयी के सलाहकार रहे ऐ स दौलत का कहना है की हमने कश्मीर को तहस नहस कर दिया है !पुलवामा मोदी का पहली परीक्षा थी ! january २००४ में जब वाजपेयी जी ने मुशर्रफ से समझौता किआ तब ९ साल तक कश्मीर में ख़ामोशी रही  


मोदी की अपनी शख्सियत है और वाजपेयी की अपनी, दोनों के कद को नापने से देश और कश्मीर के हालत नहीं सुधरेंगे , वाजपेयी जी चाहते तो अपनी नाराज़गी पाकिस्तान पर ज़ाहिर करते जिन्होंने ३ बार दोस्ती का हाथ बढ़ाया मगर पाकिस्तान फिर भी नहीं सुधरा !आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर मोदी ने ये पैगाम दे दिया है की जो भारत से टकराएगा वो चूर चूर हो जायेगा !

 मोदी ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी ! आज जमात इ इस्लाम और कल हो सकता है हुर्रियत पे पाबन्दी लग जाये , जो कश्मीर में आतंकवादी संघठनो को पैसा पहुँचाने का काम करते है !

पाकिस्तान बड़ा चिनवी मुद्दा बनता जा रहा है ! राहुल गाँधी ने वायु सेना का पैसा अम्बानी को देने का आरोप  लगाया   है  ! कई नेता मोदी के प्रचार से उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीती पर सवाल उठ रहा है !केजरीवाल कहते है की कितने सैनिकों को शहीद कराओगे ३०० सीट के लिए ? जब हुम्ला हो तब ये लोग पूछते है सर्कार कहा है और जब भारत जवाब देता है तो केजरीवाल जैसे लोग पूछते है सेना पर राजनीती हो रही है !

प्रधान मंत्री का कहना है की कुछ लोगो के सवाल से सैनिको का मनोबल कमज़ोर हो रहा है ! 

फ्रांस अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम आज भारत के समर्थन में है ! पाकिस्तान दुनिया में पुलवामा हमले के बाद अलग थलग पद गया है ! जब  हम अज़हर मजूद और हफ़ीज़ सईद जैसे आतंकवदीओ की गिरफ़्तारी मांगते है तब पाक्सितान इस बात को नकार देता है की वो उनकी ज़मीन  में नहीं है ! अंतराष्ट्रीय दवाब के चलते अभी पाकिस्तान ने बताया की अज़हर मसूद शारीरिक रूप से बीमार है और भारत से उसके खिलाफ सबूत मांग रहा है ! अजीब विडम्बना है जब अज़हर मसूद खुद पुलवामा हमले की पुष्टि कर रहा है तो पाकिस्तान को क्या सबूत चाहिए  ? पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ऐसे आँख मूँद कर कैसे बैठ सकते है ? 



अभी इमरान ख़ान घर का ख़र्च चलाने के लिए पूरी दुनिया से पैसे इकट्ठा कर ही रहे थे कि उससे भी पुरानी मुश्किल सामने आकर खड़ी हो गई.पाकिस्तान के लिए एक ही सन्देश है - न खुदा मिला न विसाले सनम !



(Bipin Sasi is a seasoned journalist and a political observer from India. He can be reached at bipin514@gmail.com for any comments and suggestions)