ज़रूर पढ़ें

Puja लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Puja लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

रवि प्रदोष व्रत आज: हमेशा निरोगी रखता है यह व्रत, शाम को इस तरह करें पूजा,

shiv parvati vivahआज रवि प्रदोष व्रत है। रविवार को आने वाला यह प्रदोष व्रत स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस व्रत से मनुष्य की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं तथा मनुष्य निरोगी हो जाता है। यह व्रत करने वाले समस्त पापों से मुक्त भी होते है।
रवि प्रदोष व्रत की पूजा का समय शाम 4.30 से शाम 7.00 बजे के बीच उत्तम रहता है इसलिए इस समय पूजा की जानी चाहिए।
ऐसे करें पूजा
नैवेद्य में जौ का सत्तू, घी एवं शकर का भोग लगाएं, तत्पश्चात आठों दिशाओं में 8‍ दीपक रखकर प्रत्येक की स्थापना कर उन्हें 8 बार नमस्कार करें। इसके बाद नंदीश्वर (बछड़े) को जल एवं दूर्वा खिलाकर स्पर्श करें। शिव-पार्वती एवं नंदकेश्वर की प्रार्थना करें।
इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

सरस्वती पूजा कल तैयारी अंतिम चरण में



विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के पर्व बसंत पंचमी में गिनती के दिन ही शेष रह गए हैं। इसको लेकर शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस क्रम में कारीगर भी रात-दिन एक कर मां सरस्वती की प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हुए हैं। जिले में कई स्थानों पर पंडाल सजाकर प्रतिमाओं को स्थापित कर विधिवत पूजन अर्चन किया जाता है।

इन सामग्री से करें पूजन

मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजन करें। पूजा के दौरान कलश, पान, सुपाड़ी, लौंग, इलायची, शृंगार सामग्री, सफेद व पीला वस्त्र, पीला सरसों फूल, आम का मंजर, अक्षत, पल्लव, चंदन, हल्दी, अबीर, घी, सफेद फूल आदि से प्रतिमा स्थापित करें। मां को बैर, गाजर, मिसरीकन, सफेद मिठाई, बतासे आदि का भोग लगाएं। दूध, घी, दही, मधु, शक्कर से पंचामृत बनाकर चढ़ाएं।

लोकप्रिय पोस्ट