kamalnath लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
kamalnath लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के यहाँ छापे, नौ करोड़ रुपये बरामद, कार्रवाई जारी


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और उनके पूर्व सलाहकार आरके मिगलानी के कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे हैं.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक नौ करोड़ रुपये की राशि बरामद हो चुकी है.


आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़, यह छापे भोपाल, इंदौर और दिल्ली में कई स्थानों पर मारे गये हैं.बताया जा रहा है कि यह छापे की कारवाई लोकसभा चुनाव के लिए हवाला के ज़रिये धन इकट्ठा करने की सूचना मिलने पर की गई है.

चुनाव से पहले कमलनाथ का बड़ा दांव, पिछड़ा वर्ग का कोटा 14 से 27 किया, लटका सवर्ण आरक्षण


लोकसभा चुनाव के लिए अब आचार संहिता किसी भी वक्त लग सकती है लेकिन उसके ठीक पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है. मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू कर दिया गया है. कैबिनेट से पास होने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इसे मंजूरी दे दी है.


आपको बता दें कि 6 मार्च को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया था कि मध्यप्रदेश में ओबीसी के लिए जो 14 फीसदी आरक्षण लागू है उसे बढ़ाकर 27 फीसदी किया जाए. इसे कांग्रेस का बड़ा दांव इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मध्यप्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 49 फीसदी है और ऐसे में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिलने की संभावना ज्यादा है.

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण 14% से बढ़ाकर हुआ 27%, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी मंजूरी

भोपाल : मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मध्यप्रदेश सरकार ने OBC के लिए आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करते हुए शनिवार को एक अध्यादेश लाई है। राज्य के कानून एवं विधि विषयक मंत्री पी सी शर्मा ने यह जानकारी दी। इस कदम को सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव से पहले OBC को अपने पाले में करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शर्मा ने कहा, 'यह अध्यादेश जारी किया गया है और अधिसूचित किया गया है।'

कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद एक्शन में

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की सोमवार को शपथ लेने के कुछ ही घंटे बाद कमलनाथ (Kamal Nath) ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा किये गये वादे के अनुरूप किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ (Farmer Loan Waiver) करने को मंजूरी प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के घोषणापत्र ''वचनपत्र के लोकहित के कुछ अन्य बिन्दुओं पर भी पहले ही दिन फैसला किया। प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोज़गार मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।

मध्य प्रदेश के कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने किये किसानो के ऋण माफ़

पहले ही दिन सीएम कमलनाथ ने किसानों का कर्जा माफ करने के बाद दो और बड़े फैसले लिए. सरकार ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि को 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दिया. इसके अलावा तीसरा बड़ा फैसला है, नए उद्योग लगाने पर या मध्यप्रदेश में निवेश करने पर उद्योगपतियों को सिर्फ तभी सब्सिडी मिलेगी जब उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा.

उधर छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की पहली कैबिनेट मीटिंग के तीन बड़े फैसले -

1. 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का 6100 करोड़ रूपये का कर्जा माफ.
2. धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपये प्रति क्विंटल किया गया.
3. झीरम हमले के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए SIT का किया गठन.

इन हम फैसलों को देखकर लगता है की कांग्रेस चुनाव के बाद अपने वादों पर खरी उत्तरी और मोदी जी की गलतियों  से सीख ली !

कमलनाथ मध्य प्रदेश के नये मुख्यमंत्री


कांग्रेस ने गुरुवार को कमल नाथ को मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में घोषित किया


  • नाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला कार्यकाल पूरा करेंगे
  • उन्होंने छिंदवाड़ा से लोकसभा सांसद के रूप में नौ बार सेवा की है
  • 72 वर्षीय, नाथ 16 वीं लोक सभा में वरिष्ठ सदस्य हैं


मंगलवार को विधानसभा के परिणामों की घोषणा के बाद, कमल नाथ या ज्योतिरादित्य सिंधिया को नए मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया जाएगा या नहीं, इस पर अटकलें बढ़ती जा रही थी । कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 114 सीटों से हरा दिया जबकि बीजेपी 109 सीटों पर विजयी हुई , कांग्रेस ने विधानसभा में 116 सीटों के निर्वाचित विधायकों से समर्थन और बहुमत दिखाते हुए सरकार बनाने का दावा किया है ।

गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के निवास ने एआईसीसी पर्यवेक्षकों द्वारा निरंतर दौरे के बाद और उनकी राय के बाद ये फैसला किया गया की कांग्रेस की मध्य प्रदेश की कमान अब कमल नाथ संभालेंगे ! ये भी रोचक बात है की कमल नाथ और शिवराज निजी ज़िन्दगी में अच्छे दोस्त भी है ! ऐसे में देखना ये है की कमल नाथ मध्य प्रदेश की सियासी डोर को कितनी मज़बूती से संभालेंगे ! उधर अकाली दाल ने कमल नाथ को सीएम बनाये जाने पर विरोध प्रकट किया है !