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चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को

कालिदास की कविता शक्ति

 महाकवि कालिदास के बारे में श्री योगेंद्र शर्मा से उनकी एक किवदंती  सुनी,  फिर उनकी एक किताब भी पढ़ी , जब कालिदास को कविता  करने की शक्ति प्राप्त  हुई तब वो अपनी पत्नी के महल पहुंचे , तब अपनी पत्नी से कहा- अनावृतं कपाटं द्वारं देहि, (दरवाजा खोलो) पत्नी ने कहा ,अस्ति कश्चिद् वाग्विशेषः ।, ( वाणी में कुछ विशेषता है)

कालिदास इतने बड़े कवि  थे की उनके अलग अलग महाकाव्य के पहले  श्लोक इन्ही शब्दों से शुरू होते है , हर शब्द से एक नए  काव्य ग्रन्थों की रचना कर डाली ।
 
अस्ति से कुमार सम्भव के प्रथम श्लोक कश्चित् से मेघदूत के प्रथम श्लोक
और वाक् से रघुवंश के प्रथम श्लोक की रचना की।