लोकतंत्र की जीत, जनादेश का सम्मान

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यदि हर राज्य में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच जनहित के कार्यों के लिए एक सहमति का वातावरण कायम हो जाए तो शायद कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है!!विचारों की लड़ाई हो ।। सर माथे पर ।।। पर एक दुसरे के दुश्मन न बने ।। यही है भारतीय संस्कृति है और शिवराज सिंह चौहान इसे भली भाति जानते है ! उनका कमलनाथ के साथ मंच बाटना उनकी सरल हृदयता को दर्शाता है ! हमे विश्वास है बीजेपी का कोई और नेता इतनी चेष्टा नहीं कर सकता !

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